स्कूल बंद नहीं, स्कूल मजबूत करो!

1.02 लाख सरकारी स्कूल बंद

सरकारी स्कूल सिर्फ इमारत नहीं हैं—वे करोड़ों बच्चों के भविष्य की नींव हैं।

11.07 लाख

स्कूल (2014-15)

10.05 लाख

स्कूल (2025-26)

1.02 लाख

शुद्ध कमी

मुख्य कारण

स्कूल बंद होने के पीछे के तथ्य

विलय नीति का प्रभाव

ढांचागत उपेक्षा

शिक्षक रिक्तियां

अकुशलता के नाम पर छोटे स्कूलों का बड़े स्कूलों में विलय किया गया, जिससे ग्रामीण बच्चों की शिक्षा तक पहुंच बाधित हुई।

जर्जर इमारतें, अनुपलब्ध शौचालय और पीने के पानी का अभाव बच्चों के लिए असुरक्षित माहौल बनाते हैं।

लाखों शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं, जिससे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रभावित हो रही है और मौजूदा शिक्षकों पर बोझ बढ़ रहा है।

हमारा संकल्प

हर बंद होता सरकारी स्कूल एक गरीब बच्चे के सीखने के अवसर का अंत है।

ये सिर्फ संख्याएँ नहीं, ये लाखों बच्चों के सपने हैं। सरकारी स्कूलों को मजबूत करना भारत के भविष्य को सुरक्षित करना है।

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